#12: शरीर के दो मोड: खतरा और सुरक्षा

कभी आपने नोटिस किया है—कुछ समय में शरीर खुद ही शांत हो जाता है,और कुछ समय में आराम के बाद भी बेचैन रहता है? यह फर्कआपकी इच्छाशक्ति का नहीं है।…

#11: आराम के बाद भी थकान क्यों बनी रहती है?

जब शरीर आराम करता है, लेकिन सिस्टम बंद नहीं होता क्या आपके साथ ऐसा होता है? पूरी नींद लेने के बाद भी थकान छुट्टी के बाद भी भारीपन कुछ खास…

#10: इमोशंस को इग्नोर करना भारी क्यों पड़ता है?

जो भाव सुने नहीं जाते, वे शरीर पर बोझ बन जाते हैं हममें से ज़्यादातर लोगइमोशंस से निपटने का एक ही तरीका जानते हैं— “अभी समय नहीं है” “इसे बाद…

#9: आपका शरीर आपकी भावनाओं को सुनता है

क्यों आपका शरीर दिमाग के समझाने से पहले ही रिएक्ट कर देता है? क्या आपने कभी यह नोटिस किया है? किसी से बात करते हुए अचानक दिल भारी हो गया…

#8: जब हम स्टेप्स स्किप करते हैं, तो बदलाव क्यों टिकता नहीं?

क्या आपके साथ भी ऐसा हुआ है? कुछ दिन शांति महसूस हुई लगा, “अब संभल गया” फिर अचानक वही पुराना रिएक्शन लौट आया और अंदर से आवाज आती है— “सब…

#7: भावना योग कोई मोटिवेशन नहीं है, यह एक सिस्टम है!

जब भी हम बदलाव की बात करते हैं,हम अक्सर मोटिवेशन की तरफ देखते हैं। अच्छा वीडियो देख लिया कुछ लाइनें पढ़ लीं अंदर से जोश आ गया कुछ दिन सब…

#6: भावना योग पॉजिटिव थिंकिंग नहीं है, फिर है क्या?

आजकल हर जगह एक ही सलाह सुनाई देती है— “पॉजिटिव सोचो” “नेगेटिव मत सोचो” “सब ठीक हो जाएगा” और सच कहें तो,कुछ पल के लिए यह अच्छा भी लगता है।…

#5: यह कोई जादू नहीं है: जो आप महसूस करते हैं, वही आप नोटिस करते और चुनते हैं!

“लॉ ऑफ अट्रैक्शन” सुनते हीकई लोगों के दिमाग में एक ही तस्वीर आती है— सोचो और मिल जाएगा पॉजिटिव वाइब्स भेजो ब्रह्मांड सब ठीक कर देगा और इसी वजह सेकई…

#4: (डिसीजन→आदत→जीवन) एक ही भाव कैसे चुपचाप आपकी जिन्दगी की दिशा तय करता है!

ज्यादातर लोग यह मानते हैं कि— उनकी जिन्दगी बड़े फैसलों से बनती है। लेकिन अगर आप थोड़ा गहराई से देखें,तो सच्चाई कुछ और ही दिखती है। जिन्दगी अक्सरछोटे-छोटे डिसीजन से…

#3: आपका अवचेतन मन तर्क से नहीं, रिपीटेशन से सीखता है!

क्या आपने कभी यह महसूस किया है? आप खुद को समझाते रहते हैं— “मुझे शांत रहना चाहिए” “मुझे ऐसा रिएक्ट नहीं करना चाहिए” “मुझे यह आदत छोड़ देनी चाहिए” लेकिन…